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खेल खेल में, जादुई छड़ी की कहानी , Jaduyi Chhadi ki kahani



एक बार की बात है एक लड़का जिसका उसकी माँ के सिवाए इस धरती पर कोई नही था। अपने रूम में बिस्तर पर लेटा हुआ अपने स्वर्गवासी पिता के बारे में सोच रहा था। अचानक उसके कमरे की खिड़की पर बिजली चमकी। वह घबराकर उठ गया। उसने देखा कि खिड़की के पास एक व्यक्ति हवा में उड़ रहा है। उस व्यक्ति को देख कर लड़का डर गया किन्तु उसने हिम्मत करके


उस व्यक्ति से कहा- “कौन है आप”

वह व्यक्ति खिड़की के पास आ कर बोला – ” डरोमत” में तुम्हारा पिता हूँ। तुम बहुत अच्छे लड़के हो। इसलिए मैं तुमसे मिलने आया हूँ। बचे ने अपने पिता को देखा तो वह बहुत खुश हुआ। काफी समय तक वे दोनों आपस में बात करते रहे। और जाते जाते उसके पिता ने उसे.....


एक जादुई छड़ी देते हुए कहा-

“ये जादू की छड़ी है। तुम इसे जिस भी चीज की तरफ मोड़कर दो बार घुमाओगे वह चीज गायब हो जाएगी। अगले ही दिन लड़का वह छड़ी अपने स्कूल ले गया।

वहां उसने मस्ती करना शुरू किया। लड़के ने स्कूल में भी टीचर की किताब गायब कर दी फिर कई बच्चों की रबर और पेंसिलें भी गायब कर दीं। किसी को भी पता न चला कि यह लड़के की छड़ी की करामात है।


जब वह घर पहुंचा तब भी उसकी शरारतें बंद नहीं हुईं। लड़के को इस खेल में बड़ा मजा आ रहा था। किचन के दरवाजे के सामने एक कुर्सी रखी थी।

लड़के ने सोचा- क्यों न मैं इस कुर्सी को गायब कर दूं। जैसे ही उसने छड़ी घुमाई वैसे ही लड़के की मां किचन से बाहर निकलकर कुर्सी के सामने से गुजरी और कुर्सी की जगह उसकी मां गायब हो गई।


लड़का घबरा गया और रोने लगा। इतने में उसके सामने वह व्यक्ति आ गया । लड़के ने अपने पिता को सारी बात बताई। व्यक्ति ने लड़के से कहा, मैं तुम्हारी मां को वापस ला सकता हूं, लेकिन उसके बाद मैं तुमसे ये जादू की छड़ी की वापस ले लूंगा।

लड़का रोते हुए बोला, आप जो भी चाहिए ले लो, लेकिन मुझे मेरी मां वापस ला दो। तब व्यक्ति ने एक जादुई मंत्र पढ़ा और देखते ही देखते लड़के की मां वापस आ गई।

लड़के ने मुड़कर व्यक्ति का शुक्रिया कहना चाहा, लेकिन तब तक व्यक्तिबहुत दूर बादलों में जा चूका था। लड़का अपनी मां को वापस पाकर बहुत खुश हुआ और दौड़कर गले से लग गया।






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